कई गांवों से नदी का पानी सिर्फ 50 से 60 मीटर की दूरी पर बह रहा है

पानीपत/चंडीगढ़.हथनीकुंड बैराज से निकला यमुना का पानी रविवार को यमुनानगर, करनाल, पानीपत हाेते हुए सोनीपत को पार कर गया। पानी बढ़ने से यमुना का बहाव 4 गुना तक बढ़ गया है। चारों जिलों के 33 गांवों में नदी का पानी घुस चुका है। इन्हें खाली कराया जा रहा है। अन्य 50 गांवों पर खतरा मंडरा रहा है। कई गांवों से नदी का पानी सिर्फ 50 से 60 मीटर की दूरी पर बह रहा है। 2950 एकड़ में फसलें डूब गई हैं। सिंचाई विभाग के मुताबिक नदी में पानी 4 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बह रहा है। इसके मद्देनजर सीएम मनोहर लाल ने यमुना व हथनीकुंड बैराज का हेलिकॉप्टर से जायजा लिया है। साथ ही आपातकालीन बैठक बुलाकर संबंधित अफसरों व कर्मचारियों को अलर्ट रहने को कहा।
फसल खराब होने पर होगी भरपाई:बाढ़ प्रभावित फसलों की गिरदावरी के भी आदेश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जिन किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना नहीं अपना रखी है, उनकी विशेष गिरदावरी कराई जाएगी। ऐसे किसानों की भी भरपाई कराई जाएगी। उधर, रविवार को हथनीकुंड बैराज पर जलस्तर में कुछ कमी आई। सुबह 6 बजे 2,41, 656 क्यूसेक पानी था, जो शाम 7 बजे 1,18,441 क्यूसेक रह गया।
बाढ़ से पिछले 64 साल में कुल एक लाख लोग मारे गए :जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा पुनरुद्धार मंत्रालय के आंकड़ों में बताया गया है कि पिछले 64 साल में देश में बाढ़ से हुए हादसों में 1 लाख लोगों की मौत हुई है। इस अवधि में बाढ़ से 2 लाख 2 हजार करोड़ रुपए की सार्वजनिक संपत्ति और 25.6 करोड़ रुपए की फसलों को नुकसान हो चुका है। मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार 64 साल में बाढ़ से हर साल औसतन 1654 लोग और 92,763 पशुओं की मौत हुई है और औसतन 71.69 लाख हेक्टेयर में खेती प्रभावित हुई। म्यांमार में 54 हजार लोग बेघरम्यांमार में बारिश से कई इलाकों में बाढ़ आई हुई है। यहां 10 लोगों की मौत हुई और बाढ़ के कारण 54 हजार लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा है। बाढ़ में कई गांव और खेत डूब गए हैं।
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