पुलिस की लाचारी या लाचीलेपन से मिल रहा है कबूतरबाजों को बल ?
लोग लुट रहे हैं शासन देख रहा है तमाशा ?
चंडीगढ़ (रोहित कुमार) देश में बेरोज़गारी बहुत चिंताजनक रूप से बढ़ रही है येही कारण है कि बेरोजगार नौजवान दुसरे देशों की तरफ आकर्षित होते जा रहे हैं बेरोजगार नौजवान अपनी आँखों में सुनहरे सपने संजो दुसरे देशों में जाने की इच्छा लिए मोहाली,चंडीगढ़ में आते हैं लेकिन कुछ मृत ज़मीर के नकली इमीग्रेशन दफ्तर इन बेरोजगारों के सपनों को बेच रहे हैं मोहाली शहर में इस समय 1000 से ज़यादा नकली इमीग्रेशन दफ्तर खुले हुए हैं जो धड्ले से इन नौजवानों की खून पसीने की कमाई को दोनों हाथों से लूट रहे हैं लोग अपने पैसे इन दफ्तरों में देते हैं एक उज्वल भविषे के लिए लेकिन इन दफ्तरों में पैसा देना इन नौजवानों के गले की फाँस बन कर रह जाता है इस का नतीजा यह होता है कि लोग आत्महतिया तक करने पर मजबूर हो जाते हैं या दुसरे प्रदेशों से आए लोग इन नकली दफ्तरों के चकर ही काटते रहते हैं
किन देशों के नाम पर हो रही है लूट :
कनाडा,ऑस्ट्रेलिया,न्यूजीलैंड,इटली,रूस के वर्क परमिट के नाम पर सरेआम लोगों से लूट हो रही है क्यूंकि इन देशों का किसी भी तरह का वर्क परमिट नहीं होता है यह नकली इमीग्रेशन दफ्तर आम जनता को लेबर वर्क परमिट देने का लुभावना सपना बेच रहे हैं लेकिन हकीकत यह है कि इन दफ्तरों के पास न तो वर्क परमिट देने का सरकारी प्रमाणपत्र है और न ही वर्क परमिट जैसा कोई वीजा,ऐसी वर्क परमिट मंदी पंजाब प्रदेश में कई शहरों में खुली हुई हैं जिन में लुधियाना,जालंधर,अमृतसर,चंडीगढ़ और मोहाली में हैं ऐसे नकली हजारों दफ्तर हैं जो पंजाब और दुसरे प्रदेशों के बेरोजगार नौजवानों को लूट रहे हैं और पुलिस प्रशासन सिर्फ लोगों की मदद करने का आश्वासन देता रहता है
मोहाली में कहाँ कहाँ हैं ऐसे नकली दफ्तर :
मोहाली शहर में लगभग हर सैक्टर में वर्क परमिट के नाम पर लूट मचाने वाले हजारों दफ्तर हैं लेकिन मोहाली में सब से ज़यादा बड़ी मंडियां सैक्टर 70 फेज़ 11 फेज़ 2 जीरकपुर और देसुमजरा में हैं जिन के बारे में हम पुलिस विभाग के अधिकारीयों को बता चुके हैं
लूटने का क्या है तरीका
कनाडा,ऑस्ट्रेलिया,इटली के वर्क परमिट के नाम पर इस तरीके से लूट हो रही है कि लुटने वाले को पता ही नहीं चलता कि उस की मेहनत की कमाई इन मृत ज़मीर लोगों की जेबों में जा चुकी है यह नकली इमीग्रेशन दफ्तर वाले एक लुभावना विज्ञापन देते हैं कि कनाडा,ऑस्ट्रेलिया,इटली में लेबर का वर्क परमिट है कोई पैसा पहले नहीं लिया जाएगा सारे पैसे विदेशों में जा कर मासिक वेतन से कटवाएं इन के इस विज्ञापन के झांसे में आकर कई नौजवान इन के पास आते हैं और यह नकली वर्क परमिट के नाम पर 2000 से 5000 तक फाइल खर्चा लेते हैं और एक हफ्ते का टाइम विदेश जाने के इच्छुक को दिया जाता है उस के बाद नकली ऑफर लेटर दिखा 1000 से 15000 तक और ले लिए जाते हैं उस के बाद 4500 का मेडिकल करवाया जाता है जो नकली मेडिकल लैब्स से करवाया जाता है 4500 में से 150 से ले कर 300 तक मेडिकल लैब्स वाले लेते हैं और बाकी का पैसा वापिस कबूतरबाजों के पास आ जाता है जिस से विदेशों में जाने वाले भोले भाले लोगों को अपने साथ हो रही लूट का पता भी नहीं चलता
क्या है सचाई:
हम ने जब इस बात की हकीकत जानने की कोशिश की तो पता चला कि कनाडा,ऑस्ट्रेलिया,रूस और न्यूजीलैंड सिर्फ स्किल्ड वर्क परमिट ही देती है वो भी स्पोंसर परमिट इस के अलावा किसी भी तरह का वर्क परमिट इशू नहीं किया जाता है जिस का दावा यह नकली और मृत ज़मीर लोगों दुवारा बनाये गए दफ्तरों में किया जाता है मतलब किसी भी तरह का वर्क परमिट लगाने का इन का दावा सरासर झूठा है और जिन मेडिकल लैब्स से यह लोगों का मेडिकल करवाते हैं वहां से मेडिकल की कोई मान्यता नहीं है इन देशों के मेडिकल पैनल पर अपने ही डॉक्टर होते हैं जो यह मेडिकल कर सकते हैं
वर्क परमिट की सचाई:
लुधियाना,मोहाली,चंडीगढ़,अमृतसर,जालंधर में बने हुए लगभग सारे इमीग्रेशन दफ्तर जो कनाडा,ऑस्ट्रेलिया,न्यूजीलैंड,रूस और इटली के वर्क परमिट लगवाने का दावा करते हैं वो बिलकुल झूठा और सचाई से बहुत परे है और इस तरीके से इन दफ्तरों का चलना और पुलिस का इन के खिलाफ कोई कारवाही न करना पुलिस की नाकामी और लचीलेपन को दर्शाता है 

वर्क परमिट लगवाने वाले दफ्तरों के पास (मेन पॉवर लाइसेंस) और ज़िला प्रशासन दुवारा प्रमाणपत्र होना ज़रूरी जोटा है लेकिन यह कबूतरबाज़ बिना किसी खोफ और डर के जिस तरह आम जनता को बेवकूफ बना रहे हैं इस से यह भी सिद्ध होता है कि कहीं न कहीं पुलिस संरक्षण इन लोगों को मिल रहा है
क्या क्या हैं झूठे दावे
जिस का वर्क परमिट लगवाना होता है उस से वकील के नाम पर पैसे लेना (झूठ)
90 दिन में वर्क परमिट लगवाना (झूठ)
1 हफ्ते में ऑफर लेटर आना (नकली)
कनाडा,ऑस्ट्रेलिया,रूस,न्यूजीलैंड के वीजा डिपार्टमेंट से वेरिफिकेशन कॉल का आना (नकली कॉल)
वर्क परमिट के नाम पर क्लाइंट का मेडिकल उसी दिन करवाना जिस दिन वर्क परमिट का इच्छुक इन ज़मीर बचे लोगों के दफ्तर में जाता है (नकली)
इन दफ्तरों के विज्ञापनों में वर्क परमिट का किया गया दावा (सरा सर झूठा )
वर्क परमिट का लाइसेंस होना (मेन पॉवर लाइसेंस )किसी के भी पास नहीं
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