सलेम (तमिलनाडु), प्रेट्र। चलती ट्रेन में चूहे के काटने पर जिला उपभोक्ता फोरम ने यात्री को 25 हजार रुपये मुआवजा देने का आदेश रेलवे को दिया है। फोरम ने 2000 रुपये बतौर मेडिकल खर्च भी यात्री को देने को कहा है। रेलवे को तीन महीनों में मुआवजे की रकम देनी होगी। ऐसा नहीं करने पर नौ प्रतिशत ब्याज का भी भुगतान करना होगा।जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष आरवी दीनदयालन तथा सदस्य एस राजलक्ष्मी ने यात्री वेंकटचलम के पक्ष में फैसला सुनाते हुए उनको हुई मानसिक एवं शारीरिक पीड़ा की एवज में मुआवजा देने का आदेश दिया है। मामला 8 अगस्त 2014 का है। चेन्नई यात्रा के दौरान वेंकटचलम को ट्रेन में चूहे ने काट लिया था।
उन्होंने अपनी शिकायत में कहा था कि टीटी को जानकारी देने और चूहे के काटने से हुआ जख्म दिखाने के बाद भी उन्होंने कुछ नहीं किया। प्राथमिक चिकित्सा तक की भी व्यवस्था नहीं की। बल्कि टीटी ने कहा कि उन्हें अगले स्टेशन पर ही चिकित्सा दी जा सकती है। अंत में चेन्नई के एग्मोर स्टेशन पर वे उतर गए और शिकायत दर्ज कराई। उसके बाद एक निजी अस्पताल में प्राथमिक उपचार कराया।यह पहला मौका नही है जब आम नागरिकों को रेल में चूहों का आतंक झेलना पड़ा हो, इसके पहले भी कई मामले ऐसे आए हैं जब चूहों की वजह से रेलवे को शर्मसार होना पड़ा है।
जनवरी 2016 में हटिया हावड़ा एक्सप्रेस के एसी1 में यात्री को चूहे ने काटा जिसके बाद यात्री ने रेलवे पर 10 लाख रूपए का जुर्माना ठोका था।दिसंबर 2015 में दिल्ली के रेलवे स्टेशनों पुरानी दिल्ली, नई दिल्ली, सराय रोहिल्ला, आनंद विहार रेलवे स्टेशनों पर चूहे भगाने के लिए रेलवे ने खर्च किए 10 करोड़ रुपए।
अगस्त 2014 में रेलयात्रा के दौरान सैनिक का बैग चूहे ने काटा जिसके बदले में रेलवे ने 15000 रूपए जुर्माना देने का आदेश दिया।
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