नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। नोटबंदी के बाद अमान्य की गई करेंसी लगभग-लगभग रिजर्व बैंक के सिस्टम में वापस लौट चुकी है। वित्त वर्ष 2017-18 के लिए केंद्रीय बैंक की सालाना रिपोर्ट में यह बात कही गई है। गौरतलब है कि नोटबंदी की घोषणा 8 नवंबर 2016 को की गई थी, जिसके बाद 9 नवंबर से ही 500 और 1000 रुपये के नोट अमान्य कर दिए गए थे। ये उस वक्त बाजार में प्रचलित कुल मुद्रा का 86 फीसद हिस्सा थे।वित्त वर्ष 2017-18 के लिए अपनी सालाना रिपोर्ट में आरबीआई ने बताया कि 500 और 1000 रुपये के अमान्य किए जा चुके नोटों की प्रोसेसिंग पूरी हो चुकी है और करीब 99.30 फीसद अमान्य नोट सिस्टम में वापस लौट चुके हैं। 8 नवंबर 2016 (नोटबंदी की घोषणा वाले दिन) तक अमान्य नोटों की कुल वैल्यू 15.42 लाख करोड़ रुपये थी और इनमें से 15.31 लाख करोड़ रुपये आरबीआई के सिस्टम में लौट चुके हैं।
मार्च 2018 तक बाजार में उपलब्ध नोटों की वैल्यू 37.7 फीसद बढ़कर 18,037 बिलियन रुपये के स्तर तक पहुंच गई। बैंक नोटों की संख्या में हालांकि 2.1 फीसद का ही इजाफा हुआ है। अगर सिर्फ 500 और 2000 रुपये के नोटों की बात करें तो मार्च 2017 तक बाजार में उपलब्ध कुल नोटों में इनकी हिस्सेदारी 72.7 फीसद थी। गौरतलब है कि काले धन पर लगाम लगाने के लिए ऐतिहासिक फैसला लेते हुए सरकार ने 8 नवंबर 2016 को 500 और 1000 रुपये के नोटों को अमान्य करार दे दिया था, हालांकि सरकार ने इन्हें नए नोटों से बदलवाने के लिए लोगों को कुछ वक्त भी दिया था।
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