फॉर्टीज के बाद जब लोग अकसर ये सोचने लगते हैं कि हमारा टाइम अब निकल गया अब हम कुछ नहीं कर सकते। लेकिन मेरा मानना है कि ये टाइम एक नई इनिंग स्टार्ट करने का है। एज तो बस एक नंबर है। जब आपके बच्चे बड़े हो जाते हैं तब आपको अपने सपने जीने का दोबारा मौका मिलता है। देखा जाए तो मौके तो हमें किसी न किसी रूप में मिलते ही रहते हैं, बस जरूरत है आगे बढ़कर उन्हें पकड़ने की। यह कहना है डॉ. कमलजीत कौर का। उन्हें 40 से 59 एज कैटेगरी में मिसेस इंडिया पंजाब 2019 चुना गया है और इसी के साथ उन्होंने अपनी एक नई पारी की शुरुआत की। 

वे नैचुरोपैथी डॉक्टर हैं और इसकी ब्रांड एम्बेसडर भी। जीरकपुर में एक कार्यक्रम में पहुंचीं तो उनसे उनके सपने और नैचुरोपैथी को लेकर बात हुई। वह बोलीं- मैं काफी टाइम से नैचुरोपैथी को प्रमोट करने के लिए एक प्लेटफार्म तलाश रही थी। ये क्राउन जीतने के बाद मुझे वो मिल गया है। बोलीं- मेरा प्लान ज्यादा से ज्यादा लोगों को नैचुरोपैथी के साथ जोड़ने का है खासतौर पर यंगस्टर्स को। क्योंकि आमतौर पर लोग हमारे पास तब आते हैं जब उन्हें बीमारियां लग जाती हैं। लेकिन अगर पहले ही नैचुरोपैथी को अपना लिया जाए तो आप बीमार होंगे ही नहीं। हम यंगस्टर्स के साथ नैचुरोपैथी की वर्कशॉप प्लान कर रहे हैं। इसके अलावा मैं एक नैचुरोपैथी वैलनेस सेंटर खोलना चाहती हूं जिससे लोगों को कम दामों में नैचुरोपैथी का उपचार मिल सके। वैसे जब भी मेरे पति नभ कुमार जो बॉलीवुड फिल्ममेकर हैं, को टाइम मिलता है वह इसे प्रमोट करने में मेरी मदद करते हैं। 

यह कहना है मिसेस इंडिया पंजाब डॉ. कमलजीत कौर का। वह जीरकपुर में एक कार्यक्रम में पहुंची थीं। तब उनसे उनके सपनों को लेकर बात हुई। 

खाना खाएं मेडिसिन समझकर 

डॉ. कमलजीत बोलीं- खाने-पीने के मामले मैं थ्री डब्ल्यू और टू एच पर यकीन करती हूं। इसमें क्या खाएं, कैसे खाएं, कहां बैठकर खाएं, कब खाएं जैसी बातें शामिल हैं। अगर हम गुस्से में हैं या नेगेटिव चीज़ें देखकर खाना खा रहे हैं तो ऐसा खाना हमारी बॉडी में जाकर भी नेगेटिव असर ही डालता है। खाने के तुरंत बाद पानी पीना, खाना खाकर सो जाना या भारी काम करना, किसी भी टाइम खा लेना जैसी कुछ बातें हमारे स्वास्थ्य पर बुरा असर डालती हैं। नैचुरोपैथी में कहा जाता है कि खाने को मेडिसिन की तरह ही खाएं। 
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