चंडीगढ़ की नकली मेडिकल लैब पर जीरकपुर पुलिस ने कारवाही करते हुए किया मुकदमा दर्ज
इन मेडिकल लैब की थी नकली इमीग्रेशन दफ्तरों के साथ मिलीभगत
रोहित कुमार 
इन्साफ एक्सप्रेस
मोहाली/चंडीगढ़

लगातार बेरोज़गारी का बढ़ना काफी चिंता जनक है सरकार इस बेरोज़गारी के बढ़ रहे दानव को रोकने में कामयाब होती नज़र नहीं आ रही और न ही इस का समाधान निकालने में कामयाब हो रही है । इस बढ़ती बेरोज़गारी के कारण बेरोज़गार लोग विदेशों में जा कर काम करने को मजबूर हो रहे हैं जिस की वजह से यह बेचारे बेरोज़गार लोग नकली इमीग्रेशन दफ्तरों के हत्थे चढ़ जाते हैं । यह नकली इमीग्रेशन दफ्तर कई तरीकों से इन बेरोज़गार लोगों को विदेश भेजने के नाम पर लूट लेते हैं। इन में सब से प्रसिद्ध तरीका है कि विदेश जाने वाले लोगों का नकली मेडिकल लैब से मेडिकल करवा लोगों से हज़ारों रुपये मेडिकल लैब दुवारा ले लिए जाते हैं और आमजन को इस लूट के बारे में बिल्कुल भी नहीं पता चलता कि वो लुट चुके हैं। ऐसी ही कुछ मेडिकल लैब चंडीगढ़ के 32 सैक्टर में माडिनो डाइग्नोस्टिक ,44 c चंडीगढ़ में दिल्ली डायग्नोस्टिक और हेल्थ केअर डायग्नोस्टिक थीं जिन पर चंडीगढ़ पुलिस थाणे में कई लिख्यत  शिकायत जातीं थीं लेकिन पुलिस दुवारा इन नकली मेडिकल लैब पर किसी भी तरह की कोई कार्यवाही न करना चंडीगढ़ पुलिस की मिलीभगत नज़र आती है। नकली इमीग्रेशन दफ्तर लगातार मोहाली,चंडीगढ़,जीरकपुर में विदेश जाने वाले लोगों को लूट कर अक्सर फरार हो रहे हैं जिस से बेरोज़गार लोगों का मनोबल और विदेश जाने का सपना टूट जाता है लेकिन सरकार को इस सब से कुछ मतलब नहीं है,पंजाब में ऐसे कई नकली इमीग्रेशन दफ्तर हैं जिन के मालिक ठगी के केस में जेल की हवा खा रहे हैं लेकिन उन के नकली इमीग्रेशन दफ्तर अभी भी चल रहे हैं और लोगों को विदेश भेझने के नाम पर लूट रहे हैं इन दफ्तरों के बारे में लोग लगातार पुलिस को अपनी सिर्फ आपबीती ही सुना पाते हैं लेकिन उन को इंसाफ मिलना नामुमकिन सी बात लगता है सरकार ने ऐसे कई नियम बनाए हैं जिस से यह नकली इमीग्रेशन दफ्तरों पर लगाम कसी जाये लेकिन ऐसा करना शायद प्रशासन के लिए संभव नहीं है इन नकली इमीग्रेशन दफ्तरों दुवारा विदेश जाने के इच्छुक लोगों का चंडीगढ़,जालन्धर,दिल्ली,फतहेपुर,बंगलोर,मुंबई जैसे शहरों की नकली मेडिकल लैब से नकली मेडिकल करवा लाखों की लूट की जाती है जिस के बारे में कई बार हम पुलिस को आवगत करवा चुके हैं लेकिन मानो जैसे पुलिस प्रशासन के कानों में जूं तक नहीं रींगती,इस तरह के नकली इमीग्रेशन दफ्तरों के मालिक पूरी तरह से अपने ज़मीर को मार चुके हैं जिस से उन को भी किसी गरीब की आवाज़ नहीं सुन पाती कि यह लोग जिन के सपनों को तोड़ रहे हैं जिन से उन के खून पसीने की कामाई को ठग रहे हैं वो बेचारे कितनी मुश्किल से इन पैसों को जुटा पाते होंगे,पुलिस प्रशासन को इन लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कारवाही करनी चाहिए जिस से मासूम लोगों से हो रही ठगी को रोका जा सके लेकिन चंडीगढ़ और मोहाली पुलिस से इस बात की उम्मीद तो नहीं की जा सकती कि वो कोई भी कारवाही इन बेशरम लोगों के खिलाफ करेंगे तो जनता को ही खुद इन नकली दफ्तरों में पैसे देने से पहले एक बार वहां के लोकल पुलिस स्टेशन में जानकारी ले लेनी चाहिए.....
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