दुष्यंत चौटाला की ताजपोशी के साथ ही जुड़ा विवाद, उपमुख्यमंत्री बनाने को हाईकोर्ट में चुनौती


इन्साफ एक्सप्रेस 

जननायक जनता पार्टी (जजपा) नेता और उचाना कलां से विधायक दुष्यंत चौटाला की हरियाणा के उप-मुख्यमंत्री पद पर ताजपोशी के साथ ही अब नियुक्ति से जुड़ा विवाद हाईकोर्ट पहुंच गया है। दुष्यंत को उप-मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ दिलाने को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है और याचिका लंबित रहते कोई वित्तीय लाभ जारी न करने की अपील की गई है।
हाईकोर्ट के वकील जगमोहन भट्टी ने जनहित याचिका दाखिल करते हुए आरोप लगाया गया कि दुष्यंत चौटाला अभी हाल ही में अपनी पार्टी के साथ बीजेपी को समर्थन दे मंत्री पद हासिल करने में कामयाब हुए हैं। हरियाणा सरकार में शामिल होने की एवज में उन्हें प्रदेश का उप-मुख्यमंत्री पद दिया जाना तय किया गया था और राज्यपाल ने उन्हें इस पद की शपथ भी दिलाई है। 

याची ने कहा कि उन्हें उप-मुख्यमंत्री नियुक्त करना संविधान के खिलाफ है। याचिका के अनुसार राज्यपाल द्वारा दुष्यंत चौटाला को उप-मुख्यमंत्री की शपथ दिलाना आर्टिकल 164 का उल्लंघन है। संविधान में कहीं भी उप-मुख्यमंत्री पद का प्रावधान नहीं है तो कैसे राज्यपाल उन्हें उप-मुख्यमंत्री पद की शपथ दिला सकते हैं। 

यह शपथ ग्रहण सीधे तौर पर जन प्रतिनिधि एक्ट 1995 का उल्लंघन है। केवल भाजपा व जेजेपी गठबंधन को लाकर सरकार बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है। सांविधानिक नियमों को अनदेखा कर अपने फायदे के लिए संविधान के साथ मजाक नहीं किया जा सकता। 

याचिका में मांग की गई है कि दुष्यंत चौटाला को दिया गया उप-मुख्यमंत्री पद खारिज किया जाए क्योंकि यह जनता के पैसे का दुरुपयोग है और जब तक यह याचिका विचाराधीन रहती है तब तक दुष्यंत चौटाला को उप-मुख्यमंत्री के नाते मिलने वाले सभी वित्तीय व अन्य लाभ से वंचित रखा जाए।
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