मोहाली खरड/26 अप्रैल,जहाँ एक तरफ पूरी दुनिया करोना के कहर से लड़ रही है वहीं हमारे समाज मैं बढ़ती घरेलू हिंसा के कारण एक औरत अपने 4 साल के बच्चे के साथ अपनी जिन्दगी और मौत से लड़ रही है । दुख तो तब होता है जब कोई जीवन साथी ही जीवन घाती बन जाता है इस औरत के लालची पति ने अपनी पत्नी की सारी प्रॉपर्टी बैंक एफ डीस खतम करके औरत की टांग कटवा कर दुसरी मंजिल के एक मकान मैं मरने के लिए  छोडकर कही बाहर चला गया।
      दिल्ली के सिख परिवार घराने से संबंध  रखती है  बातचीत  मैं औरत ने बताया  कि मेरा नाम जसमीत कौर है  अपने परिवार मैं एक्लोती लड्की हूँ मेरे कोई भाई बहन नही है और माँ का देहांत हो चुका है मैं  दिल्ली के रोहिणी के एक सिख परिवार से सम्बंध रखती है मेरी शादी मेरे पापा के द्वारा एक हिन्दू परिवार के साथ दीननगर के एक गांव तारागड़  मै करवाई। यह शादी सन 2015 मैं रोहिणी के एक गुरुद्वारा मैं हुई।मेरे पति का नाम भावेश सैनी है जो चंडीगढ़ मै प्राईवेट नौकरी करता था जिसकी दो बहनें शादीशुदा है और पिता की मौत हो चुकी है अब मेरे पति और माँ ही वहाँ रहते हैं
          चंडीगढ़ मै रखने का दिया था आश्वासन।
भवेश सैनी की बैह्शी भावनाओं की हद तो तव सामने
 आई जब शादी के एक साल बाद इनके पिता जी की बिमारी के कारण मौत हो गई। बस फिर क्या था इनके पति भावेश सैनी का असली लालची चेहरा सामने आ गया। उस दिन से ले कर आजतक मेरा पति मुझे अपने जुर्मो और शजिशों का शिकार बनाता आया है ।शायद उसका पति ये सोचकर  जुरम करता रहा की अब जसमीत कौर के पीछे कोई बोलनेवाल नही रहा या भावेश सैनी की नजरों मै अब ये अब उसके लिए एक समाजिक रिश्ता नही बल्कि एक लूट की दुकान मिल गई हो
          पिता की मौत के बाद मेरी दिल्ली की निजी प्रॉपर्टी विकवा कर चंडीगढ़ मै मकान लेकर देने का किया था वादा परन्तु  बाद मैं खरड मैं एक प्लॉट लिया जो जोइट किया गया  बचा छोटा था इन्होने गाड़ी की डिमांड की तो मैने अपने पिता की पांच लाख की बैंक एफ डी  तुड़वा कर इसको गाड़ी के लिये दे दिये थे । फिर भी भावेश सैनी का लालच का घडा नही भरा तो मेरे पति भावेश मेरी बिमारी के दौरान मेर दस तोले सोना मुथूत्ट के पास बेच कर खा गया और पूछने पर धमकी देता है।जो इसने पहले प्लॉट लिया था वो बेच कर एक दुसरी मंजिल पर दो कमरे का फ्लैट लिया जो अकेले अब अपने नाम पर है  ।
        वैह्शीयत की हद से कटवा दी पत्नी की बाई टांग।
जसमीत ने बताया की  पति के जुर्मोसितमं और लालच की हद तो तब हूई जब गोद मैं दूघ पीता तीन साल का बच्चा हो और  टांग मैं एक छोटी सी फिन्सी होने पर उसका कही हस्पताल मैं इलाज ना करवाना  एक फिन्सी को फोड़े के रुप पूरी लात मैं जहर फैलना और फिर भी हस्पताल ना लेजाकर कही पर झाडा  करवान और अन्त मै मेरी टांग कटवा दी गई। आज मेरी
जिंदगी को नरक बनकर यहां खरड मैं लाकर एक कमरे मुझे और मेरे चार साल के बेटे  को कैद कर पता नही कहाँ चला गया है आज तीन महीने हो गए हैं फोन करो तो सही पता या काम्ं के बार मैं नही बताता बस कही से किसी के हाथ चार हजार रूपये भेज देता है । आज इस हालात मैं चार हजार मैं, क्या बच्चे को खिलाउं या अपनी  ड्रेसिंग करवाऊ
          खर्चे के लिए फोन करो तो मिलती हैं धमकियां।
आज मेरा यहां कोई नही है जब मै अपने पति भावेश को कुछ खर्चे के लिये फोन करती हूँ तो भावेश सैनी सांत्वना देने के बजाये देता है धमकी । अकेले मैं बच्चे को छीनने की धमकी और चंडीगढ़ से भगाने की धमकी देता है भाबेश सैनी की बहन भी बच्चा छीन कर लेजाने की धमकी दे चुकी है। मैं आज जिन्दा हूँ तो बस अपने बच्चे के लिए मै मेर आज कोई सहारा नही है
इस दुखद हादसे के बाद कुछ सवाल सामने आते है।
देखना ये है कि अब कोंन्ं समाजसेवी  इस समाजिक शोषण मैं इस लाचार औरत और चार साल के बच्चे की माद्द्द के लिये कोन आगे आते है । या कोई मेडिकली हैल्प या इस अक्षमियं जुरम या गरेलू शोषण से बचने के लिए  प्रशासन क्या कदम उठाता है ।
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