चंडीगढ़. कोरोना वायरस पॉजिटिव मरीजों को लेकर चंडीगढ़ प्रशासन के द्वारा लिए गए एक फैसले को लेकर विवाद हो गया है. दरअसल चंडीगढ़ प्रशासन ने तय किया है कि कोरोना वायरस पॉजिटिव मरीजों को चंडीगढ़ के अलग-अलग अस्पतालों में ना रखकर पीजीआई चंडीगढ़ के एक अलग ब्लॉक में आइसोलेशन वार्ड बनाकर रखा जाए.

पीजीआई के रेजिडेंट डॉक्टरों ने यूटी चंडीगढ़ प्रशासन के इस फैसले पर ऐतराज जताया है. डॉक्टरों के मुताबिक चंडीगढ़ के सेक्टर 32 और सेक्टर 16 के सरकारी अस्पतालों में दाखिल मरीजों को पीजीआई में एडमिट करना खतरे से खाली नहीं है. उन्होंने कहा इससे मेडिकल स्टाफ और उनको शिफ्ट करने के लिए ट्रांसपोर्ट चलाने वालों को भी संक्रमण का खतरा रहेगा.

रेजिडेंट डॉक्टरों के मुताबिक सेक्टर 32 के सरकारी अस्पताल और जीएमसीएच 16 में भी मरीजों का इलाज सीनियर डॉक्टरों की देखरेख में हो रहा है और दोनों ही अस्पताल सक्षम है कि करोना वायरस के मरीजों का इलाज कर सकें.

डॉक्टरों के मुताबिक पीजीआई चंडीगढ़ के नेहरू अस्पताल को कोविड-19 अस्पताल में तब्दील किया गया है लेकिन अगर कल के दिन आइसोलेशन के लिए ज्यादा मरीज आ जाते हैं तो फिर नेहरू अस्पताल में एक ही जगह पर सब तरह के मरीज़ों को रखना कितना सही है.

रेजिडेंट डॉक्टरों ने कहा कि क्यों ना सेक्टर 48 में बने नये अस्पताल को कोविड-19 के मरीजों के लिए इस्तेमाल किया जाए. वहां पर पीजीआई के डॉक्टरों को रोटेट करके भेजा जा सकता है.
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