चंडीगढ़. पंजाब के बहुचर्चित सीड घोटाले में रविवार को पहली और बड़ी गिरफ्तारी हुई। पुलिस ने पीएयू गेट न. 1 के सामने स्थित बराड़ सीड शॉप के मालिक हरविंदर सिंह उर्फ काका बराड़ को गिरफ्तार किया है। वह धान की कुछ नई विकसित किस्मों के रूप में पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के उन किस्मों के बीजों को भारी कीमतों पर किसानों को जाली बीज बेचता था, जिसकी अभी तक केंद्रीय बीज सूचीकरन कमेटी की तरफ से व्यापारिक मार्केटिंग के लिए मंजूरी भी नहीं हुई थी।
पुलिस ने आरोपी की दुकान को सील करते हुए लाइसेंस को भी रद्द कर दिया है। आरोपी से पूछताछ में सूबे के कई नेताओं के नाम भी सामने आ सकते हैं। डीजीपी दिनकर गुप्ता ने खुलासा किया कि हरविंदर सिंह को लुधियाना पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने गिरफ्तार किया है। गौरतलब है कि बराड़ बीज स्टोर के दिग्गज नेताओं से संबंध हैं। संबंधित स्टोर से पंजाब समेत उत्तरी भारत के किसान भी विभिन्न फसलों के सीड़ लेने के आते थे।
जांच के बाद अभी और भी हो सकती हैं गिरफ्तारियां
डीजीपी ने बताया कि यह मामला 11 मई को जरूरी वस्तुएं कानून और बीज कंट्रोल एक्ट की धारा 3 के तहत लुधियाना में दर्ज किया गया था। इस केस में हरदयाल सिंह के पुत्र, 56 साला काका बराड़ से पूछताछ की जा रही है और जांच के बाद मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
मुख्य कृषि अफसर लुधियाना नरिंदर सिंह बेनीपाल ने बराड़ के बीज स्टोर की पहले चेकिंग की और उसकी तरफ से गलत बीज बेचने के प्रति कार्यवाही करने का शक पाया गया। उसी के आधार पर संबंधित स्टोर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। पूछताछ में दिग्गज नेताओं से मिलीभगत के भी खुलासे होंगे।
करोड़ों के जाली बीज जब्त, दुकान सील के साथ लाइसेंस भी किया रद्द
लुधियाना के पुलिस कमिश्नर राकेश अग्रवाल ने बताया कि एसआईटी इस मामले की जांच के लिए डिप्टी कमिश्नर पुलिस, लुधियाना के रैंक के एक सीनियर अधिकारी के अधीन बनाई गई है। मुख्य कृषि अफसर को टीम में तकनीकी माहिर के तौर पर शामिल किया गया है।
एसआईटी के द्वारा मारे गए व्यापक छापों के दौरान बराड़ बीज स्टोर में से बीजों का विशाल भंडार ज़ब्त किया गया है और नमूने विश्लेषण के लिए कृषि विभाग की लैबोरेट्री को भेजे गए। अग्रवाल ने कहा कि विश्लेषण से कुछ बीज जाली पाए गए हैं। जिनकी कीमत करोड़ों रुपए बताई जा रही है, उनको जब्त कर लिया गया है। 
पीआर 128 व 129 सीड़ में किसानों से हुआ धोखा
प्राथमिक जांच दिखाती है कि बराड़ पीएयू द्वारा विकसित धान की नयी किस्मों के नाम (पीआर 128 और पीआर 129) का प्रयोग करके जाली बीज बेचकर किसानों से धोखा करता था। संयोगवध पीएयू ने अभी व्यापारिक तौर पर उन बीजों का उत्पादन भी नहीं शुरू किया है।
पुलिस ने जारी की हेल्पलाइन
नरिंदरपाल सिंह बेनिपाल ने बताया कि अब तक 168 बीजों के सैंपल्स जांच के लिए गुरदासपुर भेजे हैं। रविवार को भी 6 बीजों की दुकानों की जांच की गई। जिला पुलिस ने हेल्पलाइन नंबर 9115601160, 9115601161 जारी कर संदेह हाेने पर शिकायत करने को कहा है।
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