चंडीगढ़. नाबालिग लड़की को अपने बॉयफ्रेंड के साथ देखने की 9 साल की कीर्ति मिश्रा को भारी कीमत चुकानी पड़ी। वह अब कभी बोल-सुन नहीं सकेगी। 16 वर्षीय पड़ोसन ने उसे गला दबाकर मारने की कोशिश की और सिर दीवार पर दे मारा। उसने राज न खुलने की डर से अपराध को अंजाम दिया। अब एक महीने से कीर्ति चंडीगढ़ पीजीआई के आईसीयू में भर्ती है। डॉक्टरों का कहना है कि कोई चमत्कार ही बच्ची को ठीक कर सकता है। ऑक्सीजन न पहुंचने के कारण उसकी यह हालत हुई है। उसका एक ऑपरेशन भी किया जा चुका है। 
आंगन में बेहोश मिली थी बच्ची
मामला 15 मई का है। कीर्ति शाम करीब 7 बजे बॉल लेकर बाहर खेलने गई। बालकनी में उसने पड़ोस की लड़की को एक लड़के के साथ देखा। उस लड़की ने कीर्ति का गला दबाकर मारने की कोशिश की। काफी देर तक बच्ची घर नहीं लौटी तो पिता ने देखा बेटी बेहोशी की हालत में आंगन में गिरी हुई थी। उसे मनीमाजरा सिविल अस्पताल लेकर जाया गया जहां से पीजीआई रैफर कर दिया गया। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की और अगली रात को लड़की को गिरफ्तार किया तो सच सामने आ गया। 
ऐसे पकड़ में आई आरोपी 
16 साल की लड़की ने कीर्ति का गला दबाया था। वह उसके घर के नीचे रहती है। बच्ची के गले पर नाखूनों के निशान थे। पुलिस ने घर में रहने वाले सभी लोगों के नाखून चेक किए। इस दौरान लड़की ने अपने नाखून काट लिए। पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो वह डर गई और सब सच बता दिया। 
कोई मदद करे तभी बेटी को बचा सकूंगा
कीर्ति के पिता दिव्य प्रकाश पंचकूला सेक्टर-4 में एक स्वीट शॉप के बाहर सिक्युरिटी गार्ड की नौकरी करते हैं। लॉकडाउन में नौकरी भी चली गई। कुछ दिनों तक रिश्तेदारों से उधार लेकर दवा लाते रहे। अब बेटी के इलाज के लिए पैसे नहीं बचे हैं। दिव्य कहते हैं कि कोई मदद करे तभी बच्ची को बचा सकूंगा।
दिमाग में ऑक्सीजन न पहुंचने से यह हालत
डॉक्टर प्यारा लाल गर्ग (रिटायर्ड सुपर स्पेशलिस्ट) ने बताया कि गला दबने से बच्ची के दिमाग में ऑक्सीजन नहीं पहुंची। मिड ब्रेन अपनी जगह से हिल गया है। ऐसी स्थिती से किसी मिरैकल के बाद ही ठीक हो सकती हैं। ऐसा नहीं है कि बच्ची बच नहीं सकती। बच्ची कोमा में है।
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