लुधियाना. इंटरनेशनल डे अगेंस्ट ड्रग एब्यूज के तहत लुधियाना पुलिस ने नशे को जड़ से खत्म करने के लिए एक अनोखा ढंग अपनाया है। जिसके तहत तस्करों की लिस्टें बनाकर उनके घरों में रेड की जाएगी। वहीं, उन्हें दूध पिलाकर कसम खिलाएंगे कि वो न तो नशे का सेवन और न ही उनकी तस्करी करेंगे।
फिलहाल, इसके लिए सभी एडीसीपी की ड्यूटी लगा दी गई है। जिन्होंने नशे के खिलाफ अपनी वर्किंग शुरू कर लोगों को जागरूक करना शुरू किया है। इसी शुरुआत आईपीएस दीपक पारिक ने अपने ऑफिस में प्रेस काॅन्फ्रेंस में दूध पीकर पहले ही नशे के खिलाफ आगाज कर दिया है। 
आकंड़ों की बात करें तो पुलिस के रिकाॅर्ड में अभी तक 400 के करीब नए और पुराने नशा तस्करों और नशे का सेवन करने वालों की डिटेल इकट्ठी की गई है।
फिलहाल, इस आकंड़े में इजाफा हो रहा है। जिन अधिकारियों के इलाकों की लिस्टिंग पूरी हो गई है। उन्होंने काम शुरू भी कर दिया है। जिसे लेकर पुलिस कमिश्नर राकेश अग्रवाल नें सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। 
तस्करों के 43 अड्‌डों की पहचान 
इस मुहिम के तहत तस्करों की पहचान करते करते पुलिस को नशे की सप्लाई और तस्करी करने वाले तस्करों के 43 अड्डों का चयन किया है। इन इलाकों में ज्यादा नशे के मामले सामने आए हैं। इन सभी जगहों पर पुलिस दिन में 10 बार और रोज अचानक चेकिंग करेगी। ताकि उनपर नजर रखी जा सके कि वो कब और क्या कर रहे हैं।
उनकी डेली रिपोर्ट और मोबाइल लोकेशन्स को ट्रेस किया जाएगा। जिसकी रिपोर्ट एसएचओ और एसीपी दोनों अपने एडीसीपी को बताएंगे। नशे के खिलाफ चेकिंग के लिए टीम भी बनाई गई हैं। जोकि उस इलाके के थाने से नहीं बल्कि किसी दूसरे थाने से होगी। 
110 के कलंदरों पर जोर:  
इसके अलावा पुराने तस्कर, जिन्होंने तस्करी के लिए गुर्गे तैयार कर दिए, उनपर भी कार्रवाई के लिए प्लान बनाया है। उक्त आरोपियों पर पुलिस 110 का कलंदरा दर्ज कर जेल में भेजेगी।
जिनके हालात बाहर आने के बाद भी नहीं बदले या तो वो तस्करी कर रहे हैं और कुछ ने अपना गिरोह तैयार कर लिया। उन्हें भी जेल भेजा जाएगा। अभी तक पुलिस ने 50 के करीब लोगों पर कलंदरे दर्ज कर दिए हैं।
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