नई दिल्ली । कोरोना काल में जहां तमाम सेक्टर में सैलरी घट रही है, वहीं सार्वजनिक बैंकों के कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है. सार्वजनिक बैंकों के कर्मचारियों के वेतन में 15 फीसरी की बढ़त करने का निर्णय लिया गया है. उनको प्रदर्शन आधारित इन्सेंटिव भी दिया जाएगा. यह बढ़ोतरी 1 नवंबर 2017 से ही लागू होगी.

मिलेगा एरियर
नवंबर 2017 से बढ़ोतरी होने का मतलब है कि बैंक कर्मचारियों को एरियर के रूप में भी मोटी रकम मिलेगी. गौरतलब है कि सार्वजनिक बैंकों के वेतन में बढ़ोतरी करीब तीन साल से लंबित थी. बैंक यूनियनों और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) के बीच इस मामले में बुधवार को 11वें दौर की वार्ता समाप्त हुई और एक समझौता हो गया.

7,988 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च
ब्लूमबर्ग के मुताबिक 31 मार्च, 2017 तक के हिसाब से कर्मचारियों के वेतन में 15 फीसदी की बढ़ोतरी की जाएगी. इससे बैंकों को करीब 7,988 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च पड़ेगा.

इससे पहले वर्ष 2012 में IBA ने कर्मचारियों की 15 प्रतिशत सैलरी बढ़ाई थी. अब, (2017 से 2022 तक पांच साल की अवधि के लिए) बैंक यूनियनों ने मुख्‍य तौर पर 20 प्रतिशत इंक्रीमेंट की मांग उठाई थी, जबकि IBA ने अपनी तरफ से शुरुआत में सवा बारह प्रतिशत 12.25 इजाफे की पेशकश रखी थी.

करीब दो साल से बैंकों के प्रबंधन और कर्मचारी यूनियन के बीच इसे लेकर बातचीत चल रही थी. यूनियन ने अपनी मांगें न माने जाने की स्थिति में हड़ताल करने की चेतावनी दी थी. दोनों पक्ष इस बात पर राजी हुए कि अब सरकारी बैंकों में भी प्रदर्शन आधारित इन्सेंटिव (PLI) की शुरुआत की जाए. यह अलग-अलग बैंकों के प्रॉफिट के आधार पर होगा.

गौरतलब है कि अभी निजी और विदेशी बैंक इस तरह के प्रोत्साहन देते हैं, हालांकि उनके यहां यह वैकल्पिक होता है. लेकिन सरकारी बैंकों में सभी कर्मचारियों को पीएलआई सालाना वेतन के अलावा दिया जाएगा.

प्रिवलेज लीव का कैशमेंट
समझौते के मुताबिक बैंक कर्मियों को अब हर साल पांच दिन का प्रिवलेज लीव के बदले इनकैशमेंट यानी नकद रकम मिलेगी. 55 साल के ऊपर के कर्मियों के मामले में यह सात दिन का होगा.

यह भी तय किया गया है कि नेशनल पेंशन फंड में बैंक अपना योगदान बढ़ाकर वेतन और डीए का 14 फीसदी करेंगे जो कि अभी 10 फीसदी है. हालांकि इस मामले में अभी सरकार से मंजूरी लेनी होगी.
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