अमृतसर और लुधियाना के लिए विश्व बैंक की मदद से 285.71 मिलियन अमेरिकी डॉलर (2135.68 करोड़ रुपए) के नहरी वाटर सप्लाई प्रोजेक्ट को पंजाब कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। प्रोजेक्ट से इन दोनों शहरों के लोगों को पीने का साफ नहरी पानी मुहैया कराया जा सकेगा। प्रोजेक्ट पर इंटरनेशनल बैंक फॉर रिकंस्ट्रक्शन एंड डेवलेपमेंट कुल राशि का 70% (200 मिलियन डालर) खर्च करेगा।
30% राशि 85.71 मिलियन डॉलर पंजाब सरकार खर्च करेगी। 11.61 मिलियन डाॅलर से शहरी, जल सप्लाई प्रबंधन को मजबूत किया जाएगा। 240.38 मिलियन डाॅलर से वाटर सप्लाई के ढांचे को मजबूत किया जाएगा। 15.62 मिलियन डॉलर से भूमि अधिग्रहण व पुनर्वास होगा। 10 मिलियन डाॅलर कोविड संकट से निपटने के लिए, 7.6 मिलियन डाॅलर प्रोजेक्ट प्रबंधन और 0.5 मिलियन डालर फ्रंट एंड फीस पर खर्च किए जाएंगे।
जमीन अधिग्रहण के लिए पुनर्वास, आर्थिक मदद दी जाएगी
  • जमीन अधिग्रहण के लिए पुनर्वास व अतिरिक्त मदद भी मुहैया करवाई जाएगी।
  • अमृतसर व लुधियाना में नहरों के पास के पंपिंग स्टेशनों और संशोधित पानी जमा करने वाले टैंकों सहित वाटर ट्रीटमेंट प्लांटों के निर्माण के लिए 36.40 करोड़ रुपए की कीमत पर गांव वल्लां में दोआब कैनाल के साथ लगती जमीन एक्वायर कर ली गई है। लुधियाना में गांव रामपुर नजदीक जमीन की पहचान की गई है। बातचीत से जमीन एक्वायर होगी।
  • ट्रांसमिशन नेटवर्क के लिए और ज्यादा जमीन की जरूरत नहीं समझी गई है।
इधर, गमाडा के तहत लैंड पूलिंग की नई पाॅलिसी बनी
पंजाब में लैंड पूलिंग पॉलिसी के तहत विकास प्रोजेक्टों के लिए जमीन देने वालों के लिए सरकार ने मुआवजे के तौर पर रिहायशी प्लाट व कमर्शियल प्लाट देने का फैसला किया है। कैबिनेट ने औद्योगिक सेक्टर के लिए भी ऐसी ही नई नीति को मंजूरी दी है। कैबिनेट ने ग्रेटर मोहाली एरिया डेवेलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) के अधिकार क्षेत्र में रिहायशी सेक्टर के बारे में लैंड पूलिंग नीति को सुधारने व नीति को इंडस्ट्रियल सेक्टर में भी लागू करने की मंजूरी दे दी है।
गमाडा ने पहले पड़ाव में 1680 एकड़ ज़मीन अधिग्रहित की है। संशोधित नीति मोहाली में 101 व 103 सेक्टरों में औद्योगिक एस्टेट के विकास के लिए भी मदद मिलेगी। गमाडा की संशोधित लैंड पूलिंग नीति के तहत प्रति एकड़ जमीन के नकद मुआवजे के बदले विकसित प्लाटों में से 1000 वर्ग गज़ रिहायशी और 200 वर्ग गज़ कमर्शियल प्लाट दिया जायेगा।
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