चंडीगढ़। पंजाब में शिरोमणि अकाली दल और भारतीय जनता पार्टी में 24 साल पुराना गठबंधन जरूर टूट गया है लेकिन दोनों दल आपसी लिहाज का पालन करेंगे। आने वाले समय में दोनों दलों में रिश्तों का लिहाज रखने पर मंथन जारी है। शिरोमणि अकाली दल को लेकर भाजपा बेहद सतर्कता बरत रही है। पंजाब भाजपा की कोर कमेटी की बैठक में फैसला किया गया कि जिस अंदाज में सवाल किया जाएगा, जवाब भी उसी अंदाज में दिया जाएगा, लेकिन पूरे घटनाक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल का नाम लेने से गुरेज किया जाएगा।

भाजपा के प्रदेश प्रधान अश्वनी शर्मा की अध्यक्षता में हुई कोर कमेटी की बैठक में भाजपा नेताओं ने अकाली दल के उन आरोपों को भी खारिज किया जिसमें कहा गया है कि कृषि विधेयक किसान विरोधी हैं। अश्वनी शर्मा ने कहा कि आखिरी मौके पर अकाली दल का विरोध करना राजनीतिक मकसद साधने के लिए है।

पूरे घटनाक्रम को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल का नाम लेने से गुरेज करेगी भाजपा

वहीं, भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री मदन मोहन मित्तल ने कहा कि बड़ों ने गठबंधन बनाया था और बच्चों ने तोड़ दिया। यह सारा खेल 2022 के चुनाव को लेकर है। लंबी में किसानों के धरने से सुखबीर घबरा गए हैं। न जाने सुखबीर को किसने गठबंधन तोडऩे की सलाह दे दी। पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के बारे में पूछने पर मित्तल ने कहा कि राजग को बनाने में बड़े बादल की अहम भूमिका है। नरेंद्र मोदी ने भी नामंकन भरने और प्रधानमंत्री का पदभार ग्रहण करते समय बड़े बादल के पैर छुए। उनके बारे में कुछ भी बोलना उचित नहीं है।


Share To:

Post A Comment:

0 comments so far,add yours