लुधियाना। पंजाब में किसानों के धरने के कारण ट्रेनों की आवाजाही 24 सितंबर से बंद है। ऐसे में उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड व पश्चिम बंगाल से आने-जाने वाले श्रमिकों के लिए फिर लाॅकडाउन जैसे हालात बन गए हैं। श्रमिकों को 10 गुना ज्‍यादा तक किराया चुकाना पड़ रहा है। अमृतसर से बिहार के जयनगर तक चलने वाली शहीद एक्सप्रेस, अमृतसर से पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी तक कर्मभूमि एक्सप्रेस और फिरोजपुर से झारखंड के धनबाद तक गंगा-सतलुज एक्सप्रेस अंबाला तक ही आ पा रहीं हैं। पंजाब में कुल 14 ट्रेनें पूरी तरह बंद हैं। पंजाब से कुछ श्रमिक गाड़ी करके अंबाला तक पहुंच रहे हैं। इसके लिए उन्हें तीन-तीन बसें बदलनी पड़ रही हैं। वे महंगा सफर करने को मजबूर हैं।

बसों में महंगा सफर करने को मजबूर हो रहे उत्तर प्रदेश व बिहार के मजदूर

लुधियाना से बिहार के सहरसा तक ट्रेन का किराया 300 रुपये है, लेकिन अब श्रमिक 3000 रुपये तक किराया चुका रहे हैं। पंजाब व हरियाणा से घर लौटने वाले श्रमिकों को भी दो से तीन हजार रुपये चुकाने पड़ रहे हैं। लुधियाना से रोज लगभग दस निजी बसें उत्तर प्रदेश और बिहार के लिए चल रही हैं। यहां भी एडवांस बुकिंग हो रही है। यात्रियों को बता दिया जाता है कि बस कहां से और कब रवाना होगी।

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