चंडीगढ़। नए कृषि कानूनों के खिलाफ पंजाब में किसानों का आंदोलन समाप्‍त नहीं हाे रहा है। किसान रेल ट्रैकों पर धरना दे रहे हैं और इस कारण पंजाब में रेल सेवा पूरी तरह ठप है। पंजाब के मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह की अपील के बाद भी किसान रेल रोको आंदोलन समाप्‍त नहीं कर रहे हैं। ऐसे में अब किसानों के आंदोलन समाप्त करवाने के लिए केंद्र सरकार सक्रिय हो गई है। केंद्र सरकार ने 29 किसान संगठनों को दोबारा न्यौता दिया है और 14 अक्टूबर को सरकार से बातचीत के लिए बुलाया गया है।

केंद्र सरकार ने फिर दिया न्यौता, 14 अक्टूबर को बुलाया बातचीत के लिए

बातचीत का न्यौता मिलने के बाद किसान संगठन भी नरमी दिखा रहे हैं। कृषि एवं कल्याण मंत्रालय के सचिव संजय अग्रवाल ने अपने पत्र में कहा गया है कि केंद्र सरकार आपसे (किसानों से) बातचीत करना चाहती है। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) राजेवाल के प्रधान बलबीर सिंह राजेवाल और भाकियू (डकौंदा) के महासचिव जगमोहन सिंह ने कहा कि सरकार के पत्र की शब्दावली पहले पत्र के मुकाबले संतोषजनक है। हालाकि केंद्र से बातचीत का फैसला 13 अक्टूबर को होने वाली किसान संगठनों की बैठक में ही होगा कि बातचीत की जाए या न की जाए। बता दें कि केंद्र सरकार की ओर से बातचीत के लिए दोबारा जारी किए गए पत्र में भाकियू (लक्खोवाल) के प्रधान अजमेर सिंह लक्खोवाल का नाम शामिल नहीं है।

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