नई दिल्ली. किसानों की सात सदस्यीय कमेटी आज दिल्ली प्रेस क्लब में मीडिया से बातचीत करेगी. किसानों ने कहा, अगली रणनीति का खुलासा किया जाएगा. पिछली बैठक में केंद्रीय मंत्रियों के साथ सेल्फी लेने वाले सिख नौजवान का विरोध हुआ. नेताओं ने कहा ऐसे लोग संघर्ष का हिस्सा नहीं. सरकार को एक किसान सेल्फी वाला नहीं मिलता. पिछली मीटिंग के दौरान एक ट्रांसपोर्ट भाई ने सेल्फी उतारी तो सरकार ने उसे ही वायरल कर दिया. यह हालत है सरकार की.

जब तक हरियाणा की सरकार गिर नहीं जाती, तब तक होगा विरोध: किसान
प्रेस कॉन्फ्रेंस में किसानों ने कहा है कि बीजेपी और जेजेपी के विधायकों, सांसदों का गांव-गांव विरोध होगा और तक तक होगा जब तक हरियाणा में इन दोनों की सरकार गिर नहीं जाती.

"सरकार गुमराह कर रही है"
किसानों का कहना है कि सरकार किसानों को हल्के में ले रही है. युवा किसान संयम खो रहा है. सरकार इस धरने को शाहीन बाग बनाने की कोशिश कर रही है. पहली और दूसरी मांग हमारी कृषि कानून और MSP गारंटी कानूनन बनाना है. तीसरी और चौथी मांग मानकर सरकार गुमराह कर रही है. सरकार बड़ी कामयाबी का दावा कर रही है लेकिन अभी पूछ निकली है हाथी बाकी है.

4 जनवरी को शर्तें नहीं मानी, तो 6 जनवरी को मार्च होगा
किसानों ने कहा कि अगर 4 जनवरी की बातचीत में परिणाम संतोषजनक ना निकला तो 6 जनवरी को मार्च होगा. वही मार्च जो 30 दिसंबर को रद्द हुआ था. राजस्थान के शाहजहांपुर बॉर्डर से किसान अगले हफ़्ते आगे बढ़ेंगे. 6 जनवरी से 20 जनवरी के बीच पूरे देश में किसान जन जागृति अभियान चलाएंगे. 23 जनवरी को नेता सुभाषचंद्र बोस की जयंती को किसान विशेष चेतना दिवस का आयोजन होगा. BJP नेताओं के खिलाफ देशभर में पार्टी छोड़ो अभियान चलाएंगे. पंजाब और हरियाणा के टोल आगे भी फ्री रहेंगे.

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