नाच मेरी बुलबुल पैसे..........


मोहाली (रोहित) मोहाली शहर जो सफाई और खूबसूरती में पंजाब में अपनी एक अलग पहचान रखता है लेकिन इस खूबसूरती पर कई मृत ज़मीर इमीग्रेशन दफ्तर वालों ने काला धभा लगा दिया है कोई भी नया एस, एस, पी शहर में आता है वो इस गंधगी को साफ करने की बात तो ज़रूर करता है लेकिन उस के बाद यह वर्दी धारी फ़रिश्ते चुप चाप बैठ जाते हैं । 

यह पंजाब सरकार से मंजूरशुदा वो लुटेरे इमीग्रेशन हैं दफ्तर हैं जो हाई कोर्ट और पंजाब सरकार के आदेशों की उनलंगना तो छोड़ो कानून की सरे आम धज्जियां उड़ा रहे हैं पूरे पंजाब में मानो जैसे पूरी दुनिया को यही से लेबर और अफसरों की ज़रूरत है। यह लाइसेंस होल्डर दफ्तर कई नए तरीकों से लोगों से वर्क परमिट के नाम पर पैसा लूट रहे हैं ।

इस के कई तरह के तरीके हमने खोज निकाले हैं।

1: नकली नाम से वेब साइट 

2 : इंस्टा ग्राम

3 : फेसबुक

4: whatsap नंबर

5 : नकली कागजों को तैयार करवा कर वीज़ा लगवाने का दावा

6: पुलिस को मूर्ख बना कर काम करना 


पहले हम बात करते हैं नकली नाम से अपनी वेब साइट को बनवा कर वर्क परमिट के विज्ञापन देने के बारे में। मोहाली के फेज 11 में जब हम ने एक लाइसेंस होल्डर इमीग्रेशन से फ़ोन पर क्लाइंट बन कर बात की तो उसने हम से बिल्कुल भी वर्क परमिट दिलवाने की बात को असवीकार कर दिया तो समझ में नहीं आया कि यह ऐसा क्यों बोल रहा है फिर यह समझने में देर न लगी कि इन्हों ने वर्क परमिट का विज्ञापन पंजाब में नहीं दिया होगा । जब हमने थोड़ी और जानकारी निकाली तो हमें फेसबुक पर उस दफ्तर के विज्ञापन मिल गए उस के बाद जब उन को फ़ोन किया गया तो वो शातिर दफ्तर वाले हमारे नंबर से समझ गए कि पंजाब का नंबर है तो उस दफ्तर ने फिर वर्क परमिट लगवाने की बात न मानी। उस  के बाद हमने नंबर बदल कर जब बात की तो वो एक दम से खुल गए और मुझे लेबर क्लास में वर्क परमिट दिलवाने के लिए राजी हो गए । उस के बाद तो जैसे वो पागल ही हो गए और लागातर मुझ से सम्पर्क बनाये रखा कि कैसे वो मुझे कनाडा में हमेशा के लिए बसा देंगे। जब थोड़ी और जानकारी निकाली गई तो उन की एक नकली नाम से वेबसाइट भी मिल गई इन शातिर लोगों ने एक ही पते पर 2 नामों से दफ्तर की वेबसाइट बना रखी थी शायद एक पुलिस को मूर्ख और कानून की आंखों में धूल झोंकने के लिए और दूसरी आम जनता के खून पसीने की कमाई को हड़पने का लिए। इन की इस वेबसाइट पर मानो पूरी दुनिया की कंपनियों की नॉकरियाँ थोक के भाव पर हैं।मलेशिया,कनाडा,सिंगापुर,दुबई,कतर, इंडोनेशिया,अमेरिका,पुर्तगाल मतलब शायद ही एक आध नाम रह गए हों तो भुलवर्ष नहीं डाल पाये होंगे। इसी दफ्तर की तरह कई और इमीग्रेशन दफ्तरों ने ऐसी वेब साइट बना रखी हैं और मोहाली शहर में मज़े से पुलिस को मिर्ख या पुलिस की शह पर ? सरे आम वर्क परमिट का धंधा जमाये बैठे हैं।


2: इंस्टा ग्राम

लगभग सारे लाइसेंस वाले ठग इमीग्रेशन जो वर्क परमिट का झांसा दे कर लोगों की चमड़ी तक उधेड़ने के लिए रात दिन ततपर हैं वो सब इंस्टा ग्राम पर विदेशी वर्क परमिट का विज्ञापन लगा रहे हैं । यह विज्ञापन अपने असली दफ्तर के नाम से नहीं कई अलग अलग नामों से कनाडा वर्क परमिट का विज्ञापन दे रहे हैं जिस से यह पुलिस की नज़र से खुद को बचाए रखें।


3: फेसबुक

फेसबुक का इस्तेमाल इन ठगों ने ऐसे किया हुआ है कि किसी को समझ भी नहीं आ सकता कि यह इमीग्रेशन दफ्तरों का एक जाल बुन दिया गया है । फेसबुक पर यह दफ्तर ऐसे ऐसे दावे कनाडा में जॉब के करते हैं कि खुद कनाडा वाले भी सोचते होंगे कि कनाडा में इतनी नॉकरियाँ कहाँ से निकल रही हैं।जो यह कुंए के खूनी मेंढक बांट रहे हैं। यहां पर भी सारे इमीग्रेशन दफ्तर अपना असली नाम छुपा कर नकली नामों से कनाडा में नॉकरी दिलवाने के दावा कर रहे हैं।


4 : whatsapp नंबर 

यह इन शातिर लोगों का ऐसा तरीका है कि व्हाटसअप पर एक नकली विदेशी नंबर बना लिया जाता है और विदेश में भेजने के इछुक शख्स को यह लगता है कि ये विज्ञापन शायद अमेरिका,कनाडा से दिया गया है। इस नंबर का दूसरा इस्तेमाल यह भी होता है कि जब कोई विदेश जाने का इछुक शख्स दफ्तर को कनाडा वर्क परमिट या किसी भी विदेशी नॉकरी के लिए पैसे दे देता है तो यह मृत ज़मीर लोग अपने इसी नंबर से खुद को एम्बेसी का अफसर बता कर बात करता है  जिस से विदेश जाने के इछुक शख्स को एहि प्रतीत होता है कि वो सच में अब विदेश चला जाएगा। लेकिन यह सब एक बहुत बड़ा मकड़ जाल होता है जिस में यह लोग विदेश जाने के इछुक शख्स की ज़िंदगी बर्बाद कर देते हैं । ऐसा ही कुछ हुआ डाउन-टाउन ओवरसीज मोहाली जिस पर एक महिला के साथ विदेश भेजने के नाम पर ठगी का केस दर्ज हुआ है इस केस में भी ओस ही नंबर इस्तेमाल कर के महिला और उस के कज़न को लूट लिया गया।


5: नकली कागज़ात बना कर लोगों को विदेश भेजने का दावा

मोहाली के आद्योगिक सैक्टर 8b में एक ऐसा भी दफ्तर सामने आया जिस ने खुद को एक इमीग्रेशन दफ्तर का हिस्सा बताया और कनाडा में पकी नॉकरी दिलवाने का 100 % दावा किया। हमने जब उस से बात की कि मेरे पास इंडिया में वर्क एक्सपीरियंस नहीं है तो उस शख्स ने 40000 रुपये ले कर नकली एक्सपीरियंस सर्टिफिकेट बनवा कर विदेश भेजवाने का दावा किया। जब हमने थोड़ी और जानकारी इस दफ्तर के बारे में निकाली तो पता चला कि इन के पास आई,लेटस कौचिंग का लाइसेंस है और यह दफ्तर धड़ले से फेसबुक पर इमीग्रेशन का धंधा वर्क परमिट का नाम पर जमाए बैठा है। ऐसे बहुत से लाइसेंस होल्डर इमीग्रेशन दफ्तर हैं जो ऐसी मूर्खतापूर्ण बातें कर के लोगों को अपने जाल में फांस लेते हैं। अब देखना यह होगा कि एस, एस, पी मोहाली का ऊंठ किस करवट बैठता है। 



6 : पुलिस को मूर्ख बना कर कर रहे हैं वर्क परमिट ।

अगर हम मोहाली पुलिस की बात करें तो यह लाइसेंस वाले इमीग्रेशन दफ्तर जो वर्क परमिट का धंधा कर रहे हैं तो पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए नकली नामों से फेसबुक और सोशल साइट्स पर अपना यह गोरख धंधा कर रहे हैं। काम हमारे शहर का प्रशासन भी नहीं है मोहाली पुलिस की वेब साइट पर जो इन इमीग्रेशन दफ्तरों की लिस्ट है वो भी आधी अधूरी है तो कैसे पता चलेगा कि कोन से दफ्तर लाइसेंस होल्डर है और कौन सा दफ्तर लाइसेंस होल्डर ठग है। मोहाली पुलिस की ऐसी ही कार्यप्रणाली की वजह से शहर में यह लोग जनता और खुद को पुलिस को मूर्ख बनाने में कामयाब हो रहे हैं।

हम अपनी अगली न्यूज़ में इन कुछ शेरदिल ठगों के दफ्तरों के नाम आप सब के सामने रखेंगे। मेरा आप सब से यही कहना है कि विदेश अगर जाना है तो पहले कुछ दिन अच्छी तरह तसली कर लीजिए। नहीं तो पछताना पड़ सकता है।






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