कोरोना काल में पहले भी प्रदेश व केंद्र सरकारें कोरोना से लड़ने और जनता तक उन की मूल सुविधाएं पहुंचाने में विफल रही हैं। लाखों लोगों ने अपनी नॉकरी को खो दिया। बड़े बड़े कारोबारी कर्ज़ों में डूब गए। कई कारोबार बंद हो गए लेकिन अनलॉक में जैसे ही कीच हालात ठीक हुए तो लोगों ने बड़ी मुश्किल से छोटे बड़े कारोबार दोबारा शुरू किए लेकिन सरकारें ऐसी मूर्खतापूर्ण हरकतों से बाज़ नहीं आ रही कोरोना के खिलाफ अच्छी रणनीति बनाने की बजाए एक दफा फिर लोगों को घरों में बंद कर के उन को उन के कारोबारों से वंचित करने की डगर पर चल पड़ी हैं सरकार कांग्रेस की हो या भाजपा की राजनेताओं की औकात एक जैसी ही रहती है। हमारे देश में टैक्स हर किसी चीज़ पर दिया जाता है लुंगी से ले कर झाड़ू तक।लेकिन आम जनता को उस का फायदा कभी यह सरकारें नहीं पहुंचा पातीं। अब यह कर्फ्यू को 9 बजे से सुबह 5 तक करने का मतलब एक बार फिर पंजाब में होटल कारोबार को जड़ से उखाड़ फेंकने का काम करेगा। सरकारों को थोड़ा तो शर्म से काम लेना चाहिए कुछ तो कारोबारियों के बारे में सोचना चाहिए । हीटर और एयर कंडीशनर कमरों से आदेश देने सरकारों के लिए बहुत आसान हैं बाहर उन आदेशों की पालना करवाने के लिए खाकी वर्दी धारी हाथों में डंडे लिए बच्चों, बूढ़ों,दुकानदारों होटल मालकों वाहन चालकों पर अपने डंडे बरसाते फिर नज़र आने शुरू हो जाएंगे। भारत देश को इन नेताओं ने आने घर जागीर समझ रखा है । अगर कर्फ्यू करना है तो कम से कम होटल कारोबारियों को ऑनलाइन साइट्स पर फ़ूड आर्डर कम से कम 11 बजे तक लेने के आदेश होने चाहिए लेकिन मजाल है जो इन बूढ़े नेताओं के कानों पर कोई जूं तक भी रींग जाए। नेताओं की सभाओं,नुकड़ नाटकों की तरह रैलियां करते नंगी सोच वाले नेताओं और उन रैलियों में जुट रही भीड़ से कोरोना नहीं होता लेकिन अपना छोटा सा कारोबार करने ,नॉकरी करने वाले लोगों की वजह से कोरोना फेल रहा है। शर्म आनी चाहिए सरकारों को कभी भी मुंह उठा कर कुछ भी जनता पर थोप डालते हैं अगर विरोध का सामना करना पड़े तो खाकी वालों को फरिश्ता बना कर किसी की भी इज़्ज़त उतारने के लिए भेज दिया जाता है। मैं सरकार से सिर्फ इतना कहना चाहता हूँ लोगों को जीने दो तुम लोगों का राजनीतिक धंधा ठीक से तो चल रहा है वो चला लो । जनता के लिए कुछ करना ही है तो शिक्षा,स्वस्थ्य सुवधाएँ,को हर नागरिक के लिए मुफ्त करें कुछ तो दें जनता को या सिर्फ लेना ही सरकार का काम है ।

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