मोहाली के कुछ वीज़ा कंसल्टेंसी लाइसेंस वालों ने वर्क परमिट की खोल रखी हैं दुकानें।

आए दिन इन्हीं वीज़ा कंसल्टेंसी लाइसेंस वाले दफ्तरों के बारे पुलिस को वर्क परमिट के नाम पर फ्रॉड की शिकायतें मिलती रहती हैं।


मोहाली (रोहित कुमार) मोहाली में इस समय कई तरह के लाइसेंस वाले वीज़ा एजेंट बैठे हुए हैं । जिन में से कुछ एजेंट वर्क परमिट मतलब Ministry of external affairs के लाइसेंस के बिना ही वर्क परमिट का काम कर रहे हैं । जो सरा सर पुलिस की आंखों में धूल झोंक कर वर्क परमिट देने की दुकानें चला रहे हैं।पुलिस या तो इन से अनजान है या मूकदर्शक बनी इनका वर्क परमिट बेचने का तमाशा देख रही है । 

जिस का भुकतान कहीं न कहीं आम जनता को अपने खून पसीने की कमाई से हाथ धो कर चुकाना पड़ता है । हम ने कई बार ऐसे कई दफ्तरों की जानकारी पुलिस को दी लेकिन पुलिस ने कभी भी इन मृत ज़मीर लोगों के खिलाफ कोई भी कारवाही नहीं की 'जो अपने आप में ही एक सवालिया निशान है । ऐसे कंसल्टेंसी लाइसेंस वालों के पास किसी भी तरह का वर्क परमिट पर विदेश में पक्की नॉकरी लगवाने के लाइसेंस(MEA) नहीं है । 

पिछले कई दिनों से पुलिस के पास ऐसी शिकायतें आईं कि कंसल्टेंसी लाइसेंस वाले इमीग्रेशन दफ्तर ने वर्क परमिट के नाम पर उससे लाखों की ठगी की है ।

आज हम आपको बताते हैं कि किस किस तरीके से यह नकली वर्क परमिट लाइसेंस वाले इमीग्रेशन दफ्तर लोगों को लाखों का चूना लगा रहे हैं जिस के बारे में लुटने वाले को भी नहीं पता चलता कि वो लुट चुका है और यह मृत ज़मीर लोग अपनी खुशियों के लिए भोले भाले लोगों की खुशियों को बर्बाद कर रहे हैं ।

हम यह नही कहते कि हर कंसल्टेंसी लाइसेंस वाला यह गोरख धंधा करता है लेकिन ईनमसे से कुछ इस गोरख धंधे को बिना किसी कानून के डर से ज़ोरों पर चला रहे हैं।

क्या क्या हैं लूटने के तरीके:

1: दफ्तर की कंसल्टेंसी फीस के नाम पर (वर्क परमिट के लिए)

2: दफ्तर की रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर (वर्क परमिट के लिए)

3: वीज़ा फ़ाइल के नाम पर (वर्क परमिट के लिए )

4: स्वस्थ्य जांच के नाम पर (नकली मेडिकल )

5: स्वस्थ्य जांच के सर्टिफिकेट को एम्बेसी में पंजीकृत करवाने के नाम पर 

6: नकली जॉब आफर लेटर दे कर 

7: नकली LMIA दे कर (एक तरह का फर्जी आफर लेटर ही है)

8: नकली वेब साइट पर नकली LMIA दिखा कर

9: नकली वकील की फीस के नाम पर (कोई वकील ही नहीं होता)

10: नकली फ़ोन नम्बरों की मदद से दफ्तरों में वीज़ा के इछुक बंदे को बुलाना

11: एंड्राइड एप से नकली विदेशी नम्बरों से फ़ोन कर खुद को वकील बताना 

12: नकली नामों से इंस्टा ग्राम,फेस बुक व अन्य social sites पर वर्क परमिट के विज्ञापन दे कर 

13 : विज्ञापन को नकली नाम से पंजाब को छोड़ देश के बाकी राज्यों के लोगों को भृमित कर के

14: नकली वीज़ा देना और भाग जाना

15: वीज़ा न लगने पर पासपोर्ट वापस करने के नाम पर 

16: दफ्तर के सुरक्षा कर्मियों को ढाल बना के क्लाइंट को डरा कर

17: नकली वीज़ा नकली वेब साइट पर दिखा कर 

इस के अलावा कुछ और तरीके भी हो सकते हैं लेकिन हमारी जांच में यह सब तरीके सामने आए हैं । जिन के बारे हम ने आपको विस्तार पूर्वक बता दिए हैं अगर ईन में से कुछ भी यह वीज़ा एजेंट आपको बोलते हैं तो समझो आपके साथ धोखा हो रहा है ।

मोहाली में कई तरह के कंसल्टेंसी लाइसेंस वाले वर्क परमिट के नाम पर लोगों को और मोहाली पुलिस को धोखा दे रहे हैं।इस के अलावा MEA लाइसेंस न ले कर पंजाब सरकार दुवारा दिया गया सर्फ कंसल्टेंसी लाइसेंस ले कर वर्क परमिट का काम कर रहे यह वीज़ा एजेंट कहीं न कहीं भारत सरकार के राजकोष को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं ।

अगर पुलिस अपना काम ठीक ढंग से करे और ऐसे नकली वर्क परमिट वाले लोगों के खिलाफ सख्त कारवाही करे तो आम जनता को ऐसे एजेंटों के प्रकोप से बचाया जा सकता है ।

हमारे कुछ सवाल हैं ऐसे वीज़ा एजेंटों से जो अपने आप को या तो किसी पुलिस अफसर का रिश्तेदार बताते हैं या किसी राजनीतिक पहुंच की धौंस दिखाते हैं ।

हम तो सिर्फ सवाल पूछ सकते हैं । मोहाली पुलिस को इनके दफ्तरों के मालकों से यह सब सख्ती से पूछना होगा ।

1: आपकी कंपनी में पिछले 2 साल में कितने लोगों ने visit किया?

2: कितने लोगों की फ़ाइल अपने तैयार की है ?

3: जिन लोगों की फ़ाइल अपने तैयार की है उन में से कितने लोग विदेश गए हैं ?

4: कितने लोगों की फाइलें अभी Reserve हैं ?

5: कंपनी ने फ़ाइल लगवाने वाले शख्स से कितने पैसे लिए ?

6: पिछले 2 साल में कौन-कौन सा शख्स कंपनी में काम कर चुका है उस का पूरा वेरवा दें ?

7: अभी जो - जो लोग कंपनी में काम कर रहे हैं उनका पूरा वेरवा पुलिस को दें ?

8: जो जो मोबाइल नंबर दफ्तर में चल रहे हैं उसके बारे में वेरवा पुलिस को दें और यह मोबाइल नंबर किस - किस के नाम पर चल रहे हैं ?

9: पिछले 2 साल में जितने भी विज्ञापन लगे हैं और कहां कहां लगे हैं उसका वेरवा पुलिस को लेना चाहिए ।

10: कौन सा एम्प्लॉई जो काम छोड़ कर गया है वो क्यों छोड़ कर गया है उसका वेरवा पुलिस को लेना चाहिए।

11: कंपनी का जिस जगह का कंसल्टेंसी लाइसेंस बना हुआ है क्या वहीं पर ही उस का आफिस है अगर जगह बदली है तो क्यों बदली है ? 

12 : कंपनी का एक नाम से एक ही आफिस है या इसी नाम से कहीं और भी ब्रांच है तो उसका क्या पता है ?

13: अगर कंसल्टेंसी के नाम पर पैसे लिए हैं और फ़ाइल रिजेक्ट हो गई तो कितने पैसे लिए थे और कितने वापस किये हैं ?

आए दिन मोहाली शहर में कंसल्टेंसी लाइसेंस वालों के खिलाफ वर्क परमिट दिलवाने के नाम पर शिकायतें थाने में आती रहती हैं लेकिन मजाल है जो पुलिस वाले ऐसे दफ्तरों पर कारवाही करते हों।

जब तक ऐसे दफ्तरों के खिलाफ कोई लूट की बात सामने नहीं आती तब तक पुलिस भी हरकत में नहीं आती । इस का मतलब यह हुआ कि यह दफ्तर हर रोज़ जो चाहें वो करते रहें लेकिन पुलिस को कुछ भी लेना-देना नहीं ?

मोहाली में ऐसे कई दफ्तर हैं जिनकी जानकारी हम हासिल कर रहे हैं यह लोग कंसल्टेंसी लाइसेंस पर वर्क परमिट का काम कर रहे हैं ।

ऐसे और भी नाम है जिनके बारे में हम सबूत एकत्रित कर रहे हैं । इस खबर के बारे में अगर किसी को भी कोई आपत्ति है तो वो अदालत में हमारे खिलाफ कानूनी मानहानी का केस कर सकता है ।

क्योंकि इन में से कई ऐसे कंसल्टेंसी लाइसेंस दफ्तर हैं जिनको लगता है कि पुलिस में उनकी अच्छी पैंठ है और राजनीतिक तौर पर भी उनके कनेक्शन हैं। ऐसे लोगों को लगता है कि कानून और पत्रकार शायद उनकी जेब में हैं ।

किसी भी ऐसे इमीग्रेशन दफ्तर वाले को अगर कोई अच्छा वकील ने मिले तो बिना किसी झिझक के हमें फ़ोन कर के हमसे अछा वकील करने में मदद हासिल कर सकता है हम ऐसी कंपनीयों की सच्चाई कोर्ट में देने को तैयार हैं ।



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