इंसानियत" अगर ज़िंदा है तो इंसान ज़िंदा है। कुलदीप सिंह गिल

कुदरत से प्यार ही हमारा भविष्य संवार सकता है।

मैं अपने बहन,भाइयों की मदद के लिए हमेशा उपलब्ध रहता हूं और रहूंगा मेरा देश वासी मेरे बहन - भाई। कुलदीप सिंह गिल



जहां एक तरफ कोरोना काल में इंसान दूसरे इंसान को नोच खाने में विश्वास कर अपनी ज़िंदगी जी रहा है वहीं कुछ लोग जानवरों,पृय्वारण और लोगों की भलाई के लिए जी तोड़ मेहनत कर रहे हैं और आये दिन ऐसे लोग इंसानियत को ज़िंदा रखने में सफल भी नज़र आते हैं। ऐसा ही कुछ आज मोहाली के बालेंगी में स्थित "बाल गोपाल गौशाला " में देखने को मिला जहां एक संस्था "Airpro welfare organization Ngo" के दुवारा सैंकड़ों वृक्ष लगाए गए। इस मौके Airpro welfare NGO के प्रधान कुलदीप गिल ने कहा कि हमें अपने परियावरण को संरक्षित रखने के लिए हर मुमकिन कदम उठाने होंगे। उन्हों ने कहा कि वो आभारी हैं कि गौशाला वालों ने हमारी संस्था को यहां पृय्वारण को संरक्षित रखने में पहल करने का मौका दिया। उन्हों ने इस मौके पर कहा कि इन पौदों को आज लगाने में हमारी नस्ल को तो नहीं लेकिन हमारी आने वाली पीढ़ियों को बहुत फायदा होगा ।उन्हों ने कहा कि इंसानियत और परियावरण को बचाने के लिए उनकी संस्था Airpro welfare हमेशा काम।करती रहेगी।कुलदीप गिल ने कहा कि उनकी संस्था के दरवाजे हमेशा ज़रूरत मंदों के लिए खुले हैं 24 घंटे हमें कोई भी और किसी भी तरह की सहायता लेने के लिए संपर्क कर सकता है और उनकी संस्था जल्द ही एक helpline number भी ले कर आएगी जिस से हम अपने प्रदेश वासियों और अन्य लोगों के लिए हमेशा उनकी मदद के लिए ततपर रहें।



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