इंसाफ एक्सप्रेस

रोहित कुमार 

चंडीगढ़


पिछले कई सालों से जिस तरह पंजाब और देश के कई प्रदेशों में कनाडा और अन्य देशों में पक्की नॉकरी लगवाने के नाम पर धोखा धड़ी का धंधा चल रहा था उसी तरीके से अब पिछले कुछ सालों में ही इन नकली वीज़ा एजेंटों ने चंडीगढ़ के सैक्टर 34 में अपने ठकाने बना कर देश की जनता को मूर्ख बना कर लाखों की लूट मचा रहे हैं। लेकिन सोचने और समझने की बात यह है इस तरह के नकली दफ्तर पुलिस स्टेशन से कुछ ही दूरी पर हैं बल्कि पुलिस बीट बॉक्स इन दफ्तरों के बीचों-बीच बानी हुई है।यह 34 सैक्टर में PR, वर्क परमिट,टूरिस्ट वीज़ा के नाम पर अपना गोरख धंधा बनाये बैठे हैं। मैं एक बात जरूर यहां पर कहूंगा कि जब-जब मैं ने इन सपने चोरों के खिलाफ खबर बनाई है तो कई तरह की धमकियां मिलने लगती हैं 34 सैक्टर के कई दफ्तर जो यह गोरख धंधा कर रहे हैं उनको साफ साफ एक बात बताता चलों कि जिस को भी मेरी खबर से कोई समस्या होती है तो वो कोर्ट जा कर केस कर सकता है किसी भी पुलिस वाले को समस्या है तो मुझ पर ही केस दर्ज कर अंदर कर सकता है लेकिन ऐसे हरामखोरों के खिलाफ खबर लगती रहेगी। जिस तरह यह नकली वीज़ा एजेंट लॉगऑन विदेशों में नॉकरी लगवाने के नाम पर लूट रहे हैं शायद ही कोई अकलमंद इंसान भी इनके सामने टिक पाए। 

उसके कुछ तरीके हुम् बात देते हैं।

 रजिस्ट्रेशन फीस

नकली मेडिकल

नकली जॉब आफर लेटर

नकली LMIA

नकली वकील की फीस

नकली वकील की तरफ से कॉल

एम्बेसी फीस

नक्की वीज़ा

नकली एयर टिकट

किसी नीग्रो से कालिंग

नकली फेसबुक पेज

नकली मोबाइल सिम

नकली विदेशी फ़ोन नंबर (एंड्राइड एप)

बिना लाइसेंस वर्क परमिट (without MHA लाइसेंस)

यह कुछ तरीके हैं जिस को प्रयोग में ला कर यह इमीग्रेशन दफ्तर देश के भोले-भाले लोगों को लाखों की चपत लगा रहे हैं।

अगर यह कहें कि पुलिस को इस के बारे में कोई जानकारी नहीं होगी तो यह गलत है।

ऐसे लोगों से सतर्क रहें और किसी भी दफ्तर में जाने से पहले लोकल पुलिस से सम्पर्क कर उस दफ्तर की जानकारी हासिल करें।

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