Bilaspur

Ravi kumar

Insaf express


बिलासपुर  पशुपालन कृषि ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने आज कामधेनु हितकारी मंच नम्होल बिलासपुर में आयोजित कार्यक्रम में दुग्ध उत्पादकों को प्रोत्साहन राशि के चेक वितरित किए। समारोह में 1128 दुग्ध उत्पादकों को लगभग 58 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित की गई जिसमें 35 दुग्ध उत्पादकों को 20 हजार रुपये से अधिक की राशि 103 दुग्ध उत्पादकों को 10 हजार रुपये से 20 हजार रुपये तक की राशि तथा 990 दुग्ध उत्पादकों को 1 हजार रुपये से 10 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि के चेक वितरित किए गए।  


इस अवसर पर उन्होंने अपने सम्बोधन में कहा कि कामधेनु सहकार क्षेत्र में सफल उदाहरण प्रस्तुत करते हुए समाज सेवा में भी एक बेहतरीन कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि महिलाओं का कामधेनु संस्था के साथ जु़ड़ने से वे आर्थिक रूप से सबल हुई है।



उन्होंने कहा कि कृषि एवं पशुपालन व्यवसाय से जुड़े एवं आर्थिक रूप से पिछड़े किसानों का जीवन स्तर बेहतर करने तथा उनके उत्पाद की उचित कीमत दिलाने तथा उपभोक्ताओं को उचित दाम पर अच्छी गुणवत्ता वाले उत्पाद उपलब्ध करवाने में कामधेनु हितकारी मंच एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। 15 अप्रैल 2012 को हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा कामधेनु संस्था को हिमाचल गौरव पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। वर्तमान में इस संस्थान द्वारा प्रतिदिन 30 हजार लीटर दूध क्षमता का मिल्क पाश्चराइजेशन प्लांट, कैटल फीड प्लांट विभिन्न स्थानों पर चार मिल्क कलेक्शन सेंटर, कामधेनु कैफे सहित लगभग 12 करोड़ रुपये के अधोसंरचना स्थापित की जा चुकी है।



 उन्होंने कहा कि आज खेती करने व पशुपालन के खर्चे बहुत अधिक बढ़ गए हैं ऐसे समय में देश के प्रधानमंत्री ने किसान सम्मान निधि प्रदान कर किसानों की आमदनी को बढ़ाने तथा उन्हें सम्मान प्रदान करने के लिए एक महत्वपूर्ण योजना आरम्भ की है। देश के किसानों ने खाद्यान्न के उत्पादन तथा दुग्ध के उत्पादन में अपने परिश्रम से भारत को आत्मनिर्भर बना दिया है। प्रधानमंत्री द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत ढांचा खड़ा करने के लिए तथा गांव में मुर्गी पालन, पशु पालन आदि छोटे व्यवसाय आरंभ करने के लिए एक लाख करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। गांव में रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए सरकार द्वारा कम ब्याज पर 2 रुपये करोड़ तक के ऋण की सुविधा प्रदान की जा रही है।


प्रदेश सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री कृषक बकरी पालन योजना आरंभ की है जिसके अंतर्गत अच्छी नस्ल की बकरी पशु पालकों को प्रदान की जा रही है तथा इस योजना के अंतर्गत पशु पालकों को 95 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान की जा रही है। उन्होंने बताया कि पहाड़ी गाय का दूध और घी की गुणवत्ता उच्च श्रेणी की होती है। प्रदेश सरकार पहाड़ी गाय की नस्ल में सुधार करने के लिए 4.50 करोड़ रुपए की राशि व्यय कर रही है जिसके लिए सोलन के समीप कोटला बड़ोग में पहाड़ी गाय गौरी की नस्ल सुधार का कार्य आरंभ किया गया है।


इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन बोर्ड के उपाध्यक्ष रणधीर शर्मा ने कहा कि कामधेनु संस्था किसानों पशुपालकों तथा उपभोक्ताओं तीनों के हितों को ध्यान में रखकर आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि कामधेनु संस्था ने 20 वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति की है और इसके उत्पादों को इनकी गुणवत्ता के कारण हिमाचल में एक अलग पहचान मिली है।


इस अवसर पर जिला परिषद उपाध्यक्ष प्रेम ठाकुर, जिला परिषद सदस्य सत्या देवी ठाकुर, मत्स्य विभाग के निदेशक सतपाल मेहता, पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ लाल गोपाल, मंडल अध्यक्ष श्री नैना देवी जी लेखराज, कामधेनु हितकारी मंच के अध्यक्ष नानक चंद ठाकुर, महासचिव जीतराम, मिल्कफेड के पूर्व निदेशक सुरेंद्र भारती, यूको बैंक के पूर्व निदेशक संतराम, पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा कामधेनु हितकारी मंच के साथ जुड़े हुए दुग्ध उत्पादक उपस्थित रहे।

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